मौसमIPL 2026चुनाब 2025क्रिकेटयोजनास्पोर्ट्सबॉलीवुडफाइनेंसएजुकेशनबिजनेसलाइफस्टाइलदेशविदेशराशिफललाइफ - साइंससेहतऑटो

झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में निधन

On: August 4, 2025 10:47 PM
Follow Us:
शिबू सोरेन

Shibu Soren Passes Away: झारखंड मुक्ति मोर्चा के शीर्ष नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का सोमवार 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे डेढ़ महीने से किडनी की बीमारी और स्ट्रोक के कारण अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया।

दिग्गज आदिवासी नेता मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक को “दिशोम गुरु” के नाम से जाना जाता था, जिसका अर्थ संताली भाषा में “देश का मार्गदर्शक” है। 1970 के दशक में शिबू सोरेन ने महाजनों और सूदखोरों के खिलाफ “धनकटनी आंदोलन” शुरू किया, जिसका उद्देश्य आदिवासियों की जमीन को वापस दिलाना था। इस आंदोलन ने उन्हें आदिवासी समुदाय में लोकप्रिय बनाया।

उनके नेतृत्व में 1973 में JMM की स्थापना हुई, जो झारखंड को अलग राज्य बनाने के आंदोलन का प्रमुख मंच बना। उनकी अगुवाई में 2000 में झारखंड राज्य का गठन हुआ। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे: 2005 (2-12 मार्च), 2008-2009, और 2009-2010। इसके अलावा, वे केंद्र सरकार में कोयला मंत्री भी रहे (2004, 2004-2005, और 2006)। वे दुमका लोकसभा सीट से 1980, 1989-1998, और 2002-2019 तक सांसद रहे। हाल के वर्षों में वे राज्यसभा सदस्य थे।

ये भी पढ़ें- Kishore Kumar’s 96th Birth Anniversary: किशोर कुमार के जीवन के ये हैं प्रमुख अनकहे किस्से

शिबू सोरेन का राजनीतिक जीवन विवादों से भी घिरा रहा

चिरूडीह कांड (1975): जामताड़ा जिले में हिंसक घटना में 11 लोगों की हत्या के आरोप में उन्हें नामजद किया गया, लेकिन बाद में बरी कर दिया गया।

शशिनाथ झा हत्याकांड (1994): उनके निजी सचिव की हत्या के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया, लेकिन 2007 में दिल्ली हाईकोर्ट ने बरी कर दिया।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

शिबू सोरेन का जन्म रामगढ़ जिले (तत्कालीन बिहार, अब झारखंड) के नेमरा गांव में एक संताल आदिवासी परिवार में हुआ था। उनके पिता, सोबरन मांझी, एक शिक्षक थे और महाजनों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाते थे। 1957 में उनके पिता की हत्या ने शिबू के जीवन को बदल दिया। उन्होंने दुमका से हाई स्कूल की शिक्षा पूरी की और भागलपुर विश्वविद्यालय (अब तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय) से इंटरमीडिएट और स्नातक की पढ़ाई की। पिता की हत्या के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़कर आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष शुरू किया।

ये भी पढ़ें- ओवल में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत, जानें अब कैसा है WTC अंक तालिका का हाल

निजी जीवन

शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन हैं। उनके तीन बेटे (दुर्गा, हेमंत, और बसंत) और एक बेटी (अंजलि) हैं। उनके बड़े बेटे दुर्गा की 2009 में मृत्यु हो गई। उनके बेटे हेमंत सोरेन वर्तमान में झारखंड के मुख्यमंत्री हैं। और बहू सीता सोरेन और कल्पना सोरेन भी विधायक रह चुकी हैं।

विरासत

शिबू सोरेन को झारखंड आंदोलन के नायक और आदिवासी समाज के सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। उनके संघर्ष ने आदिवासियों में सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता पैदा की। उनकी विरासत को JMM और उनके बेटे हेमंत सोरेन बखूबी आगे बढ़ा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

1 thought on “झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में निधन”

Leave a Comment